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आपसी रंजिश पर घरघोड़ा की नाबालिग बालिका को सुनियोजित तरीके से किये किडनैप

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● *आपसी रंजिश पर घरघोड़ा की नाबालिग बालिका को सुनियोजित तरीके से किये किडनैप*….

● *कोरबा में छिपाकर रखे थे बालिका, आरोपियों के चंगुल से #घरघोड़ा पुलिस की सकुशल बरामदगी*…

● *अपहरण में दो षडयंत्रकारी शामिल, मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल*….

● *सहयोगी फरार, आरोपी की पतासाजी में स्टाफ के साथ जुटे टीआई अमित सिंह*….

*रायगढ़* । दिनांक 24.01.2022 को थाना घरघोड़ा क्षेत्र से लापता हुई 17 वर्षीय बालिका की घरघोड़ा टीआई अमित सिंह के नेतृत्व में कोरबा से आरोपी युवक के कब्जे से सकुशल बरामदगी की गई है । बालिका के महिला अधिकारी के समक्ष दिये गये बयान बालिका के परिवारजनों से आरोपी का पुराना विवाद होने की जानकारी मिली है, जिससे आरोपी द्वारा सुनियोजित तरीके से अपने साथी के साथ बालिका को रात्रि उसके घर के बाहर से जबरजस्ती उठाकर कार में लेकर फरार हो गये थे ।

घटना के संबंध में बालिका के पिता द्वारा दिनांक 24.01.2022 को थाना घरघोडा में रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसकी नाबालिक पुत्री उम्र 17 वर्ष रात्रि में अपने कमरे में सो रही थी जो रात्रि दिशा मैदान के लिये आंगन में भतीजी के साथ निकली थी जिसे दो व्यक्ति जबरन अपने कार में बैठा कर अपहरण कर ले गये । सुबह बालिका के कमरे में नहीं मिलने पर घर परिवार के लोग खोजबिन किये । तब डरी सहमी नाबालिग लड़की (प्रार्थी की भतीजी) परिवारजनों को बताई कि रात में दो व्यक्ति जबरजस्ती उठाकर कार से ले गये हैं, तब पता किये तो पता चला कि आरोपी संतोष सारथी व गुरूचरण महंत निवासी कया द्वारा बालिका का अपहरण कर ले जाने की जानकारी मिली, रिपोर्ट पर थाना घरघोड़ा में अप.क्र. 17/2022 धारा 363 भा.द.वि. दर्ज कायम कर विवेचना में लिया गया।

नाबालिग के अपहरण मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक मीना एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री दीपक मिश्रा द्वारा तत्काल अपहृता की पतासाजी, बरामदगी के लिये दिशा-निर्देश दिया गया जिस पर थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक अमित सिंह द्वारा पुलिस टीम तैयार कर तत्काल अपहृता पतासाजी में लगाया गया। पुलिस टीम के अथक प्रयास बाद आरोपियों द्वारा बालिका को कोरबा में छिपाकर रहने की जानकारी हुई, तत्काल पुलिस टीम कोरबा रवाना हुई । जहां पतासाजी दौरान ग्राम रजगामार कोरबा में अपहृता आरोपी संतोष सारथी के कब्जे में मिली, बालिका एवं आरोपी को हिरासत में लाकर थाना लाया गया । अपहृता का महिला पुलिस अधिकारी से कथन कराया गया जो अपने कथन में दिनांक घटना को आरोपी संतोष सारथी एवं उसके साथी गुरूचरण महंत द्वारा रात्रि में अपने पिता के साथ पूर्व रंजिश को लेकर पीडिता/अपहृता को षडयंत्रपूर्वक जबरन हाथ बाह पकड़कर खींचते हुए कार में बैठा कर नाबालिग लड़की (प्रार्थी की भतीजी) को किसी को बताने पर जान से मार देने की धमकी देना उठाकर ले जाना बताई और किसी स्थान (ग्राम रजगामार) में रखना बताई। जिस पर आरोपियों के विरूद्ध *धारा 342,120(बी),506,354,354(क) भा.द.वि. 17 पॉक्सो एक्ट* संस्थित कर आरोपी के कबूलनामे पर *आरोपी संतोष सारथी पिता फकीर सारथी उम्र 30 वर्ष निवासी थानाक्षेत्र घरघोड़ा* से घटना में प्रयुक्त एक *मारूती स्वीफ्ट कार को जप्त* कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। प्रकरण में उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश व मार्गदर्शन व पुलिस टीम के अथक प्रयास से महज 03 दिवस के भीतर अपहृत बालिका को आरोपी के चंगुल से छुडाकर परिजनों को सुपुर्द किया गया तथा एक आरोपी संतोष सारथी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। प्रकरण का एक साथी आरोपी गुरूचरण महंत घटना दिनांक से रिपोर्ट होने की भनक लगने पर अन्यत्र फरार है जिसकी पतासाजी की जा रही है।

सम्‍पूर्ण कार्यवाही में निरीक्षक अमित सिंह थाना प्रभारी घरघोड़ा, सहायक उप निरीक्षक चंदनसिंह नेताम, आरक्षक नंदू पैंकरा, नरेन्द्र पैंकरा, बीरबल भगत की विशेष भूमिका रही ।

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