रामकथा प्रवचन व सत्संग से फैलती है समाज में समरसता

मनुष्य को रामायण द्वारा बताए गए मार्गों पर चलने के लिए कहते हुए उन्होंने कहा कि बिन सौभाग्य के श्रीराम कथा प्राप्त नहीं होती।
रामकथा कथा व प्रवचन मानव कल्याण के मार्ग को प्रशस्त करती है। साथ ही मुक्ति का रास्ता भी बनाती है। कथा तमाम पापों से मुक्ति का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। उन्होंने पंचवटी में राम-लक्ष्मण के प्रश्नोत्तर की चर्चा करते हुए कहा कि लक्ष्मण ने पूछा कि यह माया क्या है, ज्ञान क्या है, वैराग्य क्या है और उससे भी महत्व की बात, भक्ति क्या है। इस पर प्रभु ने कहा कि जिससे मैं प्राप्त होता हूं वही मेरी भक्ति है।
रामकथा एक ऐसा ग्रंथ है जिससे आपसी कटुता समाप्त होकर समरसता फैलती है। कहा कि मानव का कल्याण उसकी मानवता पर निर्भर करता है। लेकिन मानवता क्या है समाज आज इससे भटक रहा है। उन्होंने कहा संत कैसे मिल सकते हैं, इस प्रश्न का उत्तर देते हुए प्रभु ने कहा कि जन्म जन्मांतरों की पूंजी जब इकट्ठी होती है तो संतों का दर्शन मिलता है। सत्संग बड़ा दुर्लभ है।
उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल शनिवार को खरसिया के ग्राम चपले में आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा में पहुंचे। जहां उन्होंने कथा व्यास पर विराजमान परम श्रद्धेय पंडित अश्वनी पांडेय महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किये …


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