**गोड़म ग्राम के माँ संतोषी मंदिर में “दिव्य दरबार” — आस्था,सेवा और जनविश्वास का अद्वितीय केंद्र**

**रायगढ़।** हनुमान जी के कृपापात्र एवं जनसेवा के प्रति समर्पित पंडित अजय उपाध्याय द्वारा गोड़म ग्राम स्थित माँ संतोषी मंदिर परिसर में वर्षों से आयोजित *“जनकल्याण दरबार”* अब पूरे क्षेत्र में विश्वास, आस्था और निःस्वार्थ सेवा का प्रतीक बन गया है।
इस दरबार की विशेषता यह है कि यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की समस्याएं पूरी संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ सुनी जाती हैं। पंडित अजय उपाध्याय, बिना किसी शुल्क, फीस या दान के, लोगों को उनके कष्टों के समाधान बताते हैं।
पंडित अजय उपाध्याय ने स्पष्ट कहा —

> “हम मन की बात बताते हैं, मन की कीमत नहीं लगाते।
> यहाँ सभी खुले मन से आते हैं और संतुष्ट होकर जाते हैं।
> किसी से एक पैसा नहीं लिया जाता, केवल सनातन धर्म की सेवा और जनकल्याण के उद्देश्य से पर्चा निकालते हैं और समाधान बताते हैं।”
—
### **गाँव-गाँव से उमड़ती भीड़**
गाँव, कस्बों और दूर-दराज़ के क्षेत्रों से लोग यहाँ पहुँचते हैं। कई लोग जीवन की परेशानियाँ, घरेलू विवाद, व्यापार में रुकावट, स्वास्थ्य संबंधी चिंता या मानसिक तनाव जैसी समस्याएँ लेकर दरबार में आते हैं और राहत पाकर लौटते हैं।
यहाँ न कोई पर्दा है, न किसी तरह का स्वार्थ या दिखावा — बस निःस्वार्थ सेवा और सच्चे मार्गदर्शन का भाव है।
—
### **श्रद्धालुओं की राय**
क्षेत्र के सैकड़ों लाभान्वित लोगों का कहना है —
> “जो भी यहाँ आता है, संतुष्ट होकर ही लौटता है।
> यहाँ न छल है, न दिखावा।
> इस दरबार से हजारों लोगों को अपने कष्ट से मुक्ति मिली है।”
—
### **आस्था का विस्तार**
“जनकल्याण दरबार” केवल गोड़म ग्राम तक सीमित नहीं, बल्कि आसपास के गाँवों में भी जनविश्वास की एक मजबूत मिसाल बन चुका है। वर्षों से सतत रूप से चल रही यह परंपरा न केवल लोगों की व्यक्तिगत परेशानियों का समाधान कर रही है, बल्कि समाज में *आस्था और मानव सेवा का अद्भुत संगम* भी प्रस्तुत कर रही है।


Comment here